बिहार में खतियान का नक़ल जिले के अभिलेखागार से प्राप्त किया जा सकता है. आवेदन और अावश्यक शुल्क जमा कर कोई भी व्यक्ति, किसी भी जमीन का नक़ल प्राप्त कर सकता है . आवेदन देने और शुल्क जमा करने को कचहरी की भाषा में चिरकूट दाखिल करना कहते है. चिरकूट दाखिल करने के लिये राजस्व गाँव का नाम, थाना नम्बर ,खाता नंबर और प्लॉट नंबर जानना अनिवार्य है.पहले हस्त-लिखित नक़ल निर्गत किया जाता था परन्तु अब अभिप्रमाणित छायाप्रति दी जाती है, जिसपर तीन सरकारी कर्मी का हस्ताक्षर रहता है . खतियान के सबसे उपर राजस्व गाँव का नाम , थाना का नाम (राजस्व थाना ) ,थाना संख्या , परगना का नाम ,तौजी संख्या ,स्वत्वधारी जमींदार मध्यवर्ती का नाम और खेवट संख्या(केवल कैडेस्टल सर्वे खतियान में ) रहता है .इसके नीचे ग्यारह कालम बने रहते है, जिसमें निम्नांकित सूचनाऐ रहती हैं पहले कालम में खाता संख्या होता है. दुसरे कालम...
बंगाल काश्तकारी अधिनियम सन् १८८५ में लागू हुआ . सन १९१२ में जब बिहार बंगाल से अलग हुआ तब उसने इस एक्ट को यथावत अंगीकार कर लिया . पुनः आजादी के बाद भी इसे अंगीकार कर लिया गया . इस अधिनियम में तीन अनुसूची और १९६ धरायें है . आवश्यकता के अनुरूप समय-सयम पर संशोधन होते रहे है . इस एक्ट को बनाने का मुख्य उदेश्य जमींदार-काश्तकार के भूमि से सम्बधित प्रथागत अधिकारों(customary rights) को प्रख्यापित करना था . इसे landlord-tenant law भी कहा जाता है . इस अधिनियम के द्वारा पहली बार रैयतों के पक्ष में निम्नांकित अधिकारों को प्रख्यापित किया गया.- १.कोई रैयत बारह साल तक लगातार किसी जमीन पर कायम है , और उसका लगान जमींदार को दे रहा है तो उसे सेटल रैयत का दर्जा प्राप्त हुआ.. २.सेटल रैयत को जमींदार बिना कारण बेदखल नहीं कर सकता था . 3.सेटल रैयत के उतराधिकारी को स्वतः रैयती अधिकार मिलता है. उतराधिकारी को इसकी लिखित सूचना जमींदार को देना पड़ता था . ४.सेटल रैयत अपनी जमीन की बिक्री कर सकता था. इसके अतिरिक्त कई ऐसे...
बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमाबंदी पंजी को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है. अब कोई भी रैयत अपनी जमाबंदी पंजी को ऑनलाइन देख सकता है. जमाबंदी देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करना है http://164.100.150.10/BiharBhumi इसके बाद एक विंडो खुलेगा .इसकी बांयी ओर कुछ आप्शन इस प्रकार दिखेगें इनमे से "जमाबंदी पंजी देखें" को क्लिक करेंगें. तब बिहार का नक्शा सामने खुलेगा . नक़्शे पर उस जिले पर जाकर क्लिक करेंगें जंहा की जमाबंदी देखनी है. जिले को नक़्शे पर क्लिक करने के बाद जिला का नक्शा सामने खुलेगा . अब सम्बंधित ब्लाक पर किल्क करना है.इसके बाद फिर एक विंडो खुलेगा जिसमे कई सूचनाएं भरनी है इसमें हल्का और राजस्व गांवों का नाम ड्राप-डाउन मीनू से सलेक्ट करना जरूरी है. इसके बाद निम्नान्किर सूचनाएं भरनी है. भाग बर्तमान पृष्ट संख्या बर्तमान रैयत नाम से खोजे प्लाट नंबर से खोजे खाता नंबर से खोजे समस्त पंजी-२ को ...
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